कहानी -१
सर में भयंकर दर्द था सो अपने परिचित केमिस्ट की दुकान से सर दर्द की गोली लेने रुका।
दुकान पर नौकर था।
उसने मुझे गोली का पत्ता दिया, तो उससे मैंने पूछा — “गोयल साहब कहाँ गए हैं”
उसने कहा साहब के सर में दर्द था, सो सामने वाली दुकान में कॉफी पीने गये हैं। अभी आते होंगे!
मैं अपने हाथ मे लिए उस दवाई के पत्ते को देखता रह गया? 🤔🤔
कहानी -२
एक प्रसिद्ध रेस्तरां जो कि अपनी विशिष्ट थाली और शुद्ध खाने के लिए प्रसिद्ध है, हम खाना खाने गये।
निकलते वक्त वहां के मैनेजर ने बडी विनम्रता से पूछा — “सर खाना कैसा लगा? हम बिल्कुल शुद्ध घी तेल और मसाले प्रयोग करते हैं, हम कोशिश करते हैं बिल्कुल घर जैसा खाना लगे।”
मैंने खाने की तारीफ़ की तो उन्होंने अपना विजिटिंग कार्ड देने को अपने केबिन में गये।
काउंटर पर एक 3 डब्बों का स्टील का टिफिन रखा था।
एक वेटर ने दूसरे से कहा — “सुनील सर का खाना अंदर केबिन में रख दे, बाद में खाएंगे”
मैंने वेटर से पूछा — “क्या सुनील जी यहां नही खाते?”
उसने जवाब दिया — “सुनील सर कभी बाहर नही खाते, हमेशा घर से आया हुआ खाना ही खाते हैं”
मैं अपने हाथ में 1670 रु के बिल को देख रहा था। 🤔️️🤔