August 2024

Story – कर्मा बाई का खिचड़ी भोग

श्रीकृष्ण की परम उपासक कर्मा बाई जी जगन्नाथ पुरी में रहती थी और भगवान को बचपन से ही पुत्र रुप में भजती थीं । ठाकुर जी के बाल रुप से वह रोज ऐसे बातें करतीं जैसे ठाकुर जी उनके पुत्र हों और उनके घर में ही वास करते हों। एक दिन कर्मा बाई की इच्छा […]

Story – श्रीकृष्ण की माया

सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण से पूछा कान्हा, “मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूं… कैसी होती है?” श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा।” एक दिन कृष्ण कहने लगे — “सुदामा, आओ, गोमती में स्नान करने चलें।” दोनों गोमती के

Story – मां की सहेली

रात में नींद नहीं आ रही थी। मां ने मुझे एक कहानी सुनाई। मां की भी मेरी तरह सहेलियां थीं, वो भी खेलने जाती थी। शाम को उनको भी नानी की डांट पड़ती थी। वो बिल्कुल मेरे जैसी ही थी। जब मैंने मां से पूछा कि अब कहां गईं वो सहेलियां तो मां ने कहा

Story – चपरासी

तक़रीबन 26 साल नौकरी करने के बाद सुरेश बाबू इसी महीने रिटायर होने वाले थे । वे एक प्राइवेट कंपनी में आदेशपाल (चपरासी) के पद पर कार्यरत थे। एक तरफ़ जहाँ सुरेश जी को इस बात का सुकून था कि चलो अब तो एक खड़ूस, बत्तमीज औऱ क्रूर बॉस से छुटकारा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर

Story – नवाब

एक पति-पत्नी में तकरार हो गयी, पति कह रहा था — “मैं नवाब हूँ इस शहर का, लोग इसलिए मेरी इज्जत करते है और तुम्हारी इज्जत मेरी वजह से है।” पत्नी कह रही थी — “आपकी इज्जत मेरी वजह से है। मैं चाहूँ तो आपकी इज्जत एक मिनट में बिगाड़ भी सकती हूँ और बना

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