Story – पिताजी
रवि ऑफिस से आते ही सीधे कमरे की तरफ़ चला गया। बैठक में बैठे पिता, जिनकी आंखें उसके आने के समय बाहर टिक जाती थीं, उसके आते ही निश्चिंत हो कमरे में चले जाते। ये उनका रोज़ का नियम है। आज ही नहीं उसके बचपन से। 5…10…15 मिनट ऊपर होते ही उनकी बेचैनी शब्दों में […]